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NOTICE
बार एसोसिएशन छिबरामऊ, कन्नौज
बार एसोसिएशन छिबरामऊ कन्नौज जिसे आगे दि बार एसोसिएशन छिबरामऊ कन्नौज कहा गया जिसका रजिस्ट्रेशन संख्या 841 व संबद्धता संख्या 34/2016 एवं नवीनीकरण संख्या आर- 46/2022 हैं।
16, January 2026 | 08:29 AM
Subject : उत्तर प्रदेश में टोल प्लाजा पर आम नागरिकों एवं अधिवक्ताओं के साथ हो रही हिंसक घटनाओं के संबंध में गहरा रोष व्यक्त करते हुए, विशेष रूप से दिनांक 14 जनवरी 2026 को हैदरगढ़ टोल प्लाजा पर अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला के साथ हुई मारपीट की घटना के संदर्भ में सख्त विधिक कार्रवाई एवं सुरक्षात्मक उपायों के संबंध में।
प्रतिष्ठा में,
माननीय मुख्यमंत्री जी.
उत्तर प्रदेश सरकार,
लखनऊ, उत्तर प्रदेश
माननीय मुख्यमंत्री जी,
बार एसोसिएशन छिबरामऊ कन्नौज के समस्त अधिवक्ता, उत्तर प्रदेश राज्य में टोल प्लाजा पर लगातार बढ़ रही हिंसा, दुर्व्यवहार एवं हमलों की घटनाओं से अत्यंत आक्रोशित एवं व्यथित हैं। ऐसी घटनाएँ न केवल आम नागरिकों की व्यक्तिगत सुरक्षा को गंभीर खतरे में डाल रही हैं, बल्कि अधिवक्ताओं जैसे संवैधानिक दायित्व निभाने वाले विधि-पेशेवरों की गरिमा, स्वतंत्रता एवं सम्मान पर भी सीधा प्रहार कर रही हैं।
विशेष रूप से, दिनांक 14 जनवरी 2026 को जनपद बाराबंकी स्थित हैदरगढ़ टोल प्लाजा पर हमारे साथी अधिवक्ता श्री रत्नेश शुक्ला के साथ टोल कर्मियों द्वारा की गई बर्बर मारपीट की घटना अत्यंत निंदनीय, शर्मनाक एवं पूर्णतः अस्वीकार्य है। मात्र भुगतान संबंधी विवाद के कारण अधिवक्ता को घेरकर पीटा गया, गाली-गलौज की गई तथा जबरन माफी मंगवाकर उन्हें अपमानित किया गया।
उक्त घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि टोल कर्मियों द्वारा उकसावे एवं संगठित रूप से हमला किया गया। यह घटना टोल प्रबंधन की खुलेआम गुंडागर्दी, मनमानी एवं स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था की गंभीर विफलता को उजागर करती है। हम मांग करते हैं कि इस प्रकरण में पंजीकृत अभियोग में संलिप्त सभी दोषियों के विरुद्ध तत्काल, निष्पक्ष एवं कठोर विधिक कार्रवाई की जाए।
माननीय मुख्यमंत्री जी. यह घटना कोई अपवाद नहीं है। प्रदेश भर में टोल प्लाजा पर आम नागरिकों एवं अधिवक्ताओं के साथ हिंसा, दुर्व्यवहार एवं अवैध वसूली की घटनाओं की एक लंबी श्रृंखला सामने आ चुकी है, जो राज्य की सड़क सुरक्षा, प्रशासनिक नियंत्रण एवं नागरिक अधिकारों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। इन घटनाओं से स्पष्ट है कि टोल कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया में लापरवाही, फास्टैग प्रणाली की तकनीकी खामियाँ, निजता का उल्लंघन तथा प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था का अभाव प्रमुख कारण हैं।
उपरोक्त परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए, आम नागरिकों एवं अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु बार एसोसिएशन छिबरामऊ कन्नौज निम्नलिखित सख्त विधिक एवं सुरक्षात्मक सुझाव प्रस्तुत करता है-
1. कठोर विधिक कार्रवाई
1. टोल प्लाजा पर होने वाली प्रत्येक हिंसक घटना में तत्काल एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य किया जाए।
2. दोषी टोल कर्मियों एवं संबंधित एजेंसियों का लाइसेंस निरस्त कर उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाए।
3. अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला प्रकरण में संलिप्त दोषी टोल कर्मियों के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के अंतर्गत कार्रवाई की जाए।

